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TDS रेट चार्ट 2026-27 (धारा 393)
1 अप्रैल 2026 से Income-tax Act, 2025 ने 1961 के एक्ट की जगह ली। सैलरी पर TDS अब धारा 392 है, और लगभग बाकी हर TDS, जो पहले धारा 193 से 194T तक था, अब एक धारा 393 में टेबलों के साथ है। कारोबारी पेमेंट के रेट और लिमिट Finance Act 2025 के बाद जैसे थे वैसे ही रहे।
आम कारोबारी पेमेंट
| पेमेंट | पुरानी धारा | रेट | इतने तक TDS नहीं |
|---|---|---|---|
| कॉन्ट्रैक्टर या सब-कॉन्ट्रैक्टर | 194C | इंडिविजुअल/HUF 1%, दूसरे 2% | एक बिल ₹30,000 और साल में ₹1,00,000 |
| प्रोफ़ेशनल फ़ीस | 194J | 10% | साल में ₹50,000 |
| टेक्निकल सर्विस, कॉल सेंटर, फ़िल्म रॉयल्टी | 194J | 2% | साल में ₹50,000 |
| डायरेक्टर की फ़ीस (सैलरी नहीं) | 194J | 10% | कोई लिमिट नहीं |
| कमीशन या ब्रोकरेज | 194H | 2% | साल में ₹20,000 |
| ज़मीन, बिल्डिंग, फ़र्नीचर का किराया | 194I | 10% | महीने में ₹50,000 |
| प्लांट और मशीनरी का किराया | 194I | 2% | महीने में ₹50,000 |
| ऑडिट में न आने वाले इंडिविजुअल/HUF का किराया | 194-IB | 2% | महीने में ₹50,000 |
| बैंक/पोस्ट ऑफ़िस के अलावा ब्याज | 194A | 10% | साल में ₹10,000 |
| ऑडिट में न आने वाले इंडिविजुअल/HUF का दिया कॉन्ट्रैक्ट/प्रोफ़ेशनल काम | 194M | 2% | साल में ₹50 लाख |
| माल की खरीद (खरीदार का टर्नओवर ₹10 करोड़ से ऊपर) | 194Q | ₹50 लाख से ऊपर की रकम का 0.1% | एक सेलर से साल में ₹50 लाख |
| पार्टनर की सैलरी, कमीशन, ब्याज | 194T | 10% | साल में ₹20,000 |
ये सब अब धारा 393 में हैं। 1 अप्रैल 2026 से पहले किए पेमेंट के लिए पुराने सेक्शन नंबर इस्तेमाल करें; वे साल अब भी 1961 के एक्ट से चलते हैं।
जो चीज़ें रकम बदलती हैं
- PAN नहीं: 20% या रेट का दोगुना, जो ज़्यादा हो (माल की खरीद पर 5%)।
- GST: बिल पर GST अलग से दिखे तो TDS GST के बिना की रकम पर निकलता है (पुराने एक्ट में यह CBDT सर्कुलर 23/2017 था; अकाउंटेंट कुछ और न कहे तो वही तरीका रखें)।
- ट्रांसपोर्टर: 10 या उससे कम माल-गाड़ियों वाला ट्रांसपोर्टर जो PAN के साथ डिक्लेरेशन दे, उसे कॉन्ट्रैक्टर के नियम में बिना TDS पेमेंट किया जाता है।
- लोअर-डिडक्शन सर्टिफ़िकेट: पाने वाला विभाग का सर्टिफ़िकेट दिखाए तो उसमें लिखा रेट इस्तेमाल करें।
TCS: अब सिर्फ़ कुछ मामले
₹50 लाख से ऊपर के माल की बिक्री पर TCS (पुरानी धारा 206C(1H)) 1 अप्रैल 2025 से हटा दिया गया। बाकी TCS (पुरानी 206C, अब धारा 394) सिर्फ़ खास माल जैसे स्क्रैप, खनिज, वन उपज और ₹10 लाख से ऊपर की मोटर गाड़ियों पर, और कुछ विदेशी रेमिटेंस पर लगता है। ज़्यादातर दुकानें और ट्रेडर अब अपने बिलों पर TCS नहीं लेते।
उदाहरण
पुणे की एक फ़र्म जून में एक CA को ₹40,000 और नवंबर 2026 में ₹35,000 देती है। जून: कुल ₹40,000, ₹50,000 के अंदर, TDS नहीं। नवंबर: साल का कुल ₹75,000 हो जाता है, ₹50,000 से ऊपर, इसलिए जून के पेमेंट समेत पूरे ₹75,000 पर TDS बनता है: 10% = ₹7,500, जो नवंबर के पेमेंट से काटा जाता है (CA को ₹27,500 मिलते हैं)। अगर CA ने PAN न दिया होता: 20%, यानी ₹15,000।