TDS › GST TDS और TCS
GST TDS और GST TCS
GST का अपना TDS और TCS है, जो इनकम टैक्स से अलग है। ज़्यादातर छोटे कारोबार इनसे सिर्फ़ दो जगह मिलते हैं: सरकार को बेचते समय और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के ज़रिए बेचते समय।
GST TDS (CGST एक्ट की धारा 51)
- कौन काटता है: सरकारी विभाग, लोकल अथॉरिटी, सरकारी एजेंसियाँ और नोटिफ़ाई की गई दूसरी संस्थाएँ।
- कब: टैक्सेबल माल या सर्विस के ऐसे कॉन्ट्रैक्ट पर जिसकी वैल्यू (GST के बिना) ₹2.5 लाख से ज़्यादा हो।
- रेट: टैक्सेबल वैल्यू का 2%: एक ही राज्य के सप्लायर के लिए 1% CGST + 1% SGST, या दूसरे राज्य से 2% IGST।
- रिटर्न: काटने वाला अगले महीने की 10 तारीख तक GSTR-7 फ़ाइल करता है।
- आप, सप्लायर के लिए: रकम GST पोर्टल पर TDS क्रेडिट के रूप में दिखती है। उसे वहीं एक्सेप्ट करें तो वह आपके इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में आ जाती है, जहाँ से आप टैक्स भर सकते हैं।
GST TCS (धारा 52)
- कौन इकट्ठा करता है: ई-कॉमर्स ऑपरेटर (ऑनलाइन मार्केटप्लेस), अपने ज़रिए दूसरे सप्लायरों की टैक्सेबल सप्लाई की नेट वैल्यू पर।
- रेट: 10 जुलाई 2024 से 0.5% (0.25% CGST + 0.25% SGST, या 0.5% IGST); पहले यह 1% था।
- रिटर्न: ऑपरेटर अगले महीने की 10 तारीख तक GSTR-8 फ़ाइल करता है।
- आपके लिए: पोर्टल पर TCS क्रेडिट एक्सेप्ट करें; वह आपके इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में आ जाता है। उसे अपनी मार्केटप्लेस की सेटलमेंट रिपोर्ट से मिलाएँ।
उदाहरण
भोपाल का एक प्रिंटर राज्य के एक विभाग को ₹3,00,000 + GST ₹54,000 के फ़ॉर्म सप्लाई करता है। विभाग ₹3,48,000 देता है और ₹6,000 काटता है (1% CGST ₹3,000 + 1% SGST ₹3,000)। प्रिंटर पूरी बिक्री GSTR-1 में रिपोर्ट करता है, GSTR-3B में टैक्स हमेशा की तरह भरता है, और एक्सेप्ट होने पर ₹6,000 का क्रेडिट इस्तेमाल करता है।
इनसे गड़बड़ न करें
उसी पेमेंट पर इनकम-टैक्स का TDS अलग है: विभाग कॉन्ट्रैक्ट पर धारा 393 (पुरानी 194C) के तहत TDS भी काट सकता है। देखें TDS रेट चार्ट।
अपने अगले पेमेंट पर TDS निकालें।मेकर खोलें