TDS › जमा और रिटर्न
TDS जमा करना और TDS रिटर्न फ़ाइल करना
TDS काट लेना सिर्फ़ आधा काम है। टैक्स समय पर सरकार तक पहुँचना और रिपोर्ट होना चाहिए, वरना पाने वाले को क्रेडिट नहीं मिलता और आपको ब्याज भरना पड़ता है।
जमा करने की तारीखें
| TDS किस महीने काटा | कब तक जमा करें |
|---|---|
| अप्रैल से फ़रवरी | अगले महीने की 7 तारीख |
| मार्च | 30 अप्रैल |
अपने TAN के साथ ई-फ़ाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in, e-Pay Tax) से ऑनलाइन भरें। होम पेज का TDS रजिस्टर आपके सेव किए वाउचर से हर महीने का TDS इन तारीखों के साथ दिखाता है।
तिमाही TDS स्टेटमेंट
हर तिमाही काटने वाला एक TDS स्टेटमेंट फ़ाइल करता है जिसमें हर पाने वाला, PAN, रकम और TDS लिखा होता है। पुराने नियमों में नॉन-सैलरी स्टेटमेंट फ़ॉर्म 26Q था, जिसकी तारीखें 31 जुलाई, 31 अक्टूबर, 31 जनवरी और 31 मई थीं। Income-tax Rules, 2026 में फ़ॉर्म के नए नंबर हैं; फ़ाइल करने से पहले अपनी तिमाही का फ़ॉर्म और तारीख ई-फ़ाइलिंग या TRACES पोर्टल पर देख लें।
सर्टिफ़िकेट
स्टेटमेंट फ़ाइल करने के बाद हर पाने वाले का TDS सर्टिफ़िकेट TRACES से डाउनलोड करके उसे दें। पाने वाला क्लेम करने से पहले अपने सालाना टैक्स स्टेटमेंट में TDS जाँचता है।
देर होने पर
- ब्याज हर महीने या महीने के हिस्से के लिए लगता है: TDS न काटने पर, देय तारीख से कटौती की तारीख तक; काटकर न भरने पर, भरने तक ज़्यादा रेट से।
- तिमाही स्टेटमेंट देर से भरने पर रोज़ के हिसाब से फ़ीस लगती है, और न भरने पर पेनल्टी भी लग सकती है।
- जिन खर्चों पर TDS बनता था पर काटा या भरा नहीं गया, उनका कुछ हिस्सा आपकी अपनी आय में नामंज़ूर हो सकता है।
मौजूदा रेट और रकम अपने अकाउंटेंट से जाँच लें; नए एक्ट के साथ नंबर और धाराएँ बदली हैं।
हर महीने का रूटीन
- TDS वाले हर पेमेंट को वाउचर पर दर्ज करें (धारा, रेट, PAN)।
- 1 तारीख को यहाँ का TDS रजिस्टर खोलें और हर धारा का कुल नोट करें।
- 7 तारीख तक जमा करें।
- हर तिमाही TDS स्टेटमेंट फ़ाइल करें और सर्टिफ़िकेट जारी करें।